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1. यहोवा ने मूसा से कहा,प्रेरितों के काम 7:44
1. পরে সদাপ্রভু মোশিকে কহিলেন, তুমি ইস্রায়েল-সন্তানদিগকে আমার নিমিত্তে উপহার সংগ্রহ করিতে বল;
2. इस्त्राएलियों से यह कहना, कि मेरे लिये भेंट लाएं; जितने अपनी इच्छा से देना चाहें उन्हीं सभों से मेरी भेंट लेना।
2. হৃদয়ের ইচ্ছায় যে নিবেদন করে, তাহা হইতে তোমরা আমার সেই উপহার গ্রহণ করিও।
3. और जिन वस्तुओं की भेंट उन से लेनी हैं वे ये हैं; अर्थात् सोना, चांदी, पीतल,
3. এই সকল উপহার তাহাদের হইতে গ্রহণ করিবে;
4. नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा, सूक्ष्म सनी का कपड़ा, बकरी का बाल,
4. স্বর্ণ, রৌপ্য, পিত্তল; এবং নীল, বেগুনে ও লাল, এবং সাদা মসীনা সূত্র ও ছাগলোম;
5. लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालें, सुइसों की खालें, बबूल की लकड़ी,
5. ও রক্তীকৃত মেষচর্ম্ম, তহশ চর্ম্ম, ও শিটীম কাষ্ঠ;
6. उजियाले के लिये तेल, अभिषेक के तेल के लिये और सुगन्धित धूप के लिये सुगन्ध द्रव्य,
6. দীপার্থ তৈল, এবং অভিষেকার্থ তৈলের ও সুগন্ধি ধূপের নিমিত্তে গন্ধদ্রব্য;
7. एपोद और चपरास के लिये सुलैमानी पत्थर, और जड़ने के लिये मणि।
7. এবং এফোদের ও বুকপাটার জন্য গোমেদক মণি প্রভৃতি খচনীয় প্রস্তর।
8. और वे मेरे लिये एक पवित्रास्थान बनाए, कि मैं उनके बीच निवास करूं।
8. আর তাহারা আমার নিমিত্তে এক ধর্ম্মধাম নির্ম্মাণ করুক, তাহাতে আমি তাহাদের মধ্যে বাস করিব।
9. जो कुछ मैं तुझे दिखाता हूं, अर्थात् निवासस्थान और उसके सब सामान का नमूना, उसी के अनुसार तुम लोग उसे बनाना।।
9. আবাসের ও তাহার সকল দ্রব্যের যে আদর্শ আমি তোমাকে দেখাই, তদনুসারে তোমরা সকলই করিবে।
10. बबूल की लकड़ी का एक सन्दूक बनाया जाए; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, और चौड़ाई और ऊंचाई डेढ़ डेढ़ हाथ की हों।इब्रानियों 9:4
10. তাহারা শিটীম কাষ্ঠের এক সিন্দুক নির্ম্মাণ করিবে; তাহা আড়াই হস্ত দীর্ঘ, দেড় হস্ত প্রস্থ ও দেড় হস্ত উচ্চ হইবে।
11. और उसको चोखे सोने से भीतर और बाहर मढ़वाना, और सन्दूक के ऊपर चारों ओर सोने की बाड़ बनवाना।
11. পরে তুমি নির্ম্মল সুবর্ণে তাহা মুড়িবে; তাহার ভিতর ও বাহির মুড়িবে, এবং তাহার উপরে চারিদিকে স্বর্ণের নিকাল গড়িয়া দিবে।
12. और सोने के चार कड़े ढलवाकर उसके चारों पायों पर, एक अलंग दो कड़े और दूसरी अलंग भी दो कड़े लगवाना।
12. আর তাহার জন্য সুবর্ণের চারি কড়া ছাঁচে ঢালিয়া তাহার চারি পায়াতে দিবে; তাহার এক পার্শ্বে দুই কড়া, ও অন্য পার্শ্বে দুই কড়া থাকিবে।
13. फिर बबूल की लकड़ी के डण्डे बनवाना, और उन्हे भी सोने से मढ़वाना।
13. আর তুমি শিটীম কাষ্ঠের দুইটী বহন-দণ্ড করিয়া স্বর্ণে মুড়িবে।
14. और डण्डों को सन्दूक की दोनों अलंगों के कड़ों में डालना जिस से उनके बल सन्दूक उठाया जाए।
14. আর সিন্দুক বহনার্থে ঐ বহন-দণ্ড সিন্দুকের দুই পার্শ্বস্থ কড়াতে দিবে।
15. वे डण्डे सन्दूक के कड़ों में लगे रहें; और उस से अलग न किए जाएं।
15. সেই বহন-দণ্ড সিন্দুকের কড়াতে থাকিবে, তাহা হইতে বহিষ্কৃত হইবে না।
16. और जो साक्षीपत्रा मैं तुझे दूंगा उसे उसी सन्दूक में रखना।
16. আর আমি তোমাকে যে সাক্ষ্যপত্র দিব, তাহা ঐ সিন্দুকে রাখিবে।
17. फिर चोखे सोने का एक प्रायश्चित्त का ढकना बनवाना; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, और चौड़ाई डेढ़ हाथ की हो।
17. পরে তুমি নির্ম্মল স্বর্ণে আড়াই হস্ত দীর্ঘ ও দেড় হস্ত প্রস্থ পাপাবরণ প্রস্তুত করিবে।
18. और सोना ढालकर दो करूब बनवाकर प्रायश्चित्त के ढकने के दोनों सिरों पर लगवाना।इब्रानियों 9:5
18. আর তুমি স্বর্ণের দুই করূব নির্ম্মাণ করিবে; পাপাবরণের দুই মুড়াতে পিটান কার্য্য দ্বারা তাহাদিগকে নির্ম্মাণ করিবে।
19. एक करूब तो एक सिरे पर और दूसरा करूब दूसरे सिरे पर लगवाना; और करूबों को और प्रायश्चित्त के ढकने को उसके ही टुकडे से बनाकर उसके दोनो सिरों पर लगवाना।
19. এক মুড়াতে এক করূব ও অন্য মুড়াতে অন্য করূব, পাপাবরণের দুই মুড়াতে তৎসহিত অখণ্ড দুই করূব করিবে।
20. और उन करूबों के पंख ऊपर से ऐसे फैले हुए बनें कि प्रायश्चित्त का ढकना उन से ढंपा रहे, और उनके मुख आम्हने- साम्हने और प्रायश्चित्त के ढकने की ओर रहें।
20. আর সেই দুই করূব ঊর্দ্ধে পক্ষ বিস্তার করিয়া ঐ পক্ষ দ্বারা পাপাবরণকে আচ্ছাদন করিবে, এবং তাহাদের মুখ পরস্পরের দিকে থাকিবে, করূবদের দৃষ্টি পাপাবরণের দিকে থাকিবে।
21. और प्रायश्चित्त के ढकने को सन्दूक के ऊपर लगवाना; और जो साक्षीपत्रा मैं तुझे दूंगा उसे सन्दूक के भीतर रखना।
21. তুমি এই পাপাবরণ সেই সিন্দুকের উপরে রাখিবে, এবং আমি তোমাকে যে সাক্ষ্যপত্র দিব, তাহা ঐ সিন্দুকের মধ্যে রাখিবে।
22. और मैं उसके ऊपर रहकर तुझ से मिला करूंगा; और इस्त्राएलियों के लिये जितनी आज्ञाएं मुझ को तुझे देनी होंगी, उन सभों के विषय मैं प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर से और उन करूबों के बीच में से, जो साक्षीपत्रा के सन्दूक पर होंगे, तुझ से वार्तालाप किया करूंगा।।
22. আর আমি সেই স্থানে তোমার সহিত সাক্ষাৎ করিব, এবং পাপাবরণের উপরিভাগ হইতে, সাক্ষ্য-সিন্দুকের উপরিস্থ দুই করূবের মধ্য হইতে তোমার সঙ্গে আলাপ করিয়া ইস্রায়েল-সন্তানগণের প্রতি আমার সমস্ত আজ্ঞা তোমাকে জ্ঞাত করিব।
23. फिर बबूल की लकड़ी की एक मेज बनवाना; उसकी लम्बाई दो हाथ, चौड़ाई एक हाथ, और ऊंचाई डेढ़ हाथ की हो।इब्रानियों 9:2
23. আর তুমি শিটীম কাষ্ঠের এক মেজ নির্ম্মাণ করিবে; তাহা দুই হস্ত দীর্ঘ, এক হস্ত প্রস্থ ও দেড় হস্ত উচ্চ হইবে।
24. उसे चोखे सोने से मढ़वाना, और उसके चारों ओर सोने की एक बाड़ बनवाना।
24. আর নির্ম্মল স্বর্ণে তাহা মুড়িবে, এবং তাহার চারিদিকে স্বর্ণের নিকাল গড়িয়া দিবে।
25. और उसके चारों ओर चार अंगुल चौड़ी एक पटरी बनवाना, और इस पटरी के चारों ओर सोने की एक बाड़ बनवाना।
25. আর তাহার চারিদিকে চারি অঙ্গুলি পরিমিত এক পার্শ্বকাষ্ঠ করিবে, এবং পার্শ্বকাষ্ঠের চারিদিকে স্বর্ণের নিকাল গড়িয়া দিবে।
26. और सोने के चार कड़े बनवाकर मेज के उन चारों कोनों में लगवाना जो उसके चारों पायों में होंगे।
26. আর স্বর্ণের চারিটী কড়া করিয়া চারি পায়ার চারি কোণে রাখিবে।
27. वे कड़े पटरी के पास ही हों, और डण्डों के घरों का काम दें कि मेंज़ उन्हीं के बल उठाई जाए।
27. মেজ বহনার্থ বহন-দণ্ডের ঘর হইবার নিমিত্তে ঐ কড়া পার্শ্বকাষ্ঠের নিকটে থাকিবে।
28. और डण्डों को बबूल की लकड़ी के बनवाकर सोने से मढ़वाना, और मेज़ उन्हीं से उठाई जाए।
28. আর ঐ মেজ বহনার্থে শিটীম কাষ্ঠের দুই বহন-দণ্ড করিয়া তাহা স্বর্ণে মুড়িবে।
29. और उसके परात और धूपदान, और चमचे और उंडेलने के कटोरे, सब चोखे सोने के बनवाना।
29. আর মেজের থাল, চমস, শ্রুব ও ঢালিবার জন্য সেকপাত্র গড়িবে; এই সকল নির্ম্মল স্বর্ণ দ্বারা গড়িবে।
30. और मेज़ पर मेरे आगे भेंट की रोटियां नित्य रखा करना।।
30. আর তুমি সেই মেজের উপরে আমার সম্মুখে নিয়ত দর্শন-রুটী রাখিবে।
31. फिर चोखे सोने की एक दीवट बनवाना। सोना ढलवाकर वह दीवट, पाये और डण्डी सहित बनाया जाए; उसके पुष्पकोष, गांठ और फूल, सब एक ही टुकडे के बनें;
31. আর তুমি নির্ম্মল স্বর্ণের এক দীপবৃক্ষ প্রস্তুত করিবে; পিটান কার্য্যে সেই দীপবৃক্ষ প্রস্তুত হইবে; তাহার কাণ্ড, শাখা, গোলাধার, কলিকা ও পুষ্প তৎসহিত অখণ্ড হইবে।
32. और उसकी अलंगों से छ: डालियां निकलें, तीन डालियां तो दीवट की एक अलंग से और तीन डालियां उसकी दूसरी अलंग से निकली हुई हों;
32. দীপবৃক্ষের এক পার্শ্ব হইতে তিন শাখা ও দীপবৃক্ষের অন্য পার্শ্ব হইতে তিন শাখা, এই ছয় শাখা তাহার পার্শ্ব হইতে নির্গত হইবে।
33. एक एक डाली में बादाम के फूल के समान तीन तीन पुष्पकोष, एक एक गांठ, और एक एक फूल हों; दीवट से निकली हुई छहों डालियों का यही आकार या रूप हो;
33. এক শাখায় বাদামপুষ্পের ন্যায় তিন গোলাধার, এক কলিকা ও এক পুষ্প থাকিবে; এবং অন্য শাখায় বাদামপুষ্পের ন্যায় তিন গোলাধার, এক কলিকা ও এক পুষ্প থাকিবে; দীপবৃক্ষ হইতে নির্গত ছয় শাখায় এইরূপ হইবে।
34. और दीवट की डण्डी में बादाम के फूल के समान चार पुष्पकोष अपनी अपनी गांठ और फूल समेत हों;
34. দীপবৃক্ষে বাদামপুষ্পের ন্যায় চারি গোলাধার, ও তাহাদের কলিকা ও পুষ্প থাকিবে।
35. और दीवट से निकली हुई छहों डालियों में से दो दो डालियों के नीचे एक एक गांठ हो, वे दीवट समेत एक ही टुकडे के बने हुए हों।
35. আর দীপবৃক্ষের যে ছয়টী শাখা নির্গত হইবে, তাহাদের এক শাখাদ্বয়ের নীচে তৎসহ অখণ্ড এক কলিকা, অন্য শাখাদ্বয়ের নীচে তৎসহ অখণ্ড এক কলিকা ও অপর শাখাদ্বয়ের নীচে তৎসহ অখণ্ড এক কলিকা থাকিবে।
36. उनकी गांठे और डालियां, सब दीवट समेत एक ही टुकडे की हों, चोखा सोना ढलवाकर पूरा दीवट एक ही टुकडे का बनवाना।
36. কলিকা ও শাখা তৎসহ অখণ্ড হইবে; সমস্তই পিটান নির্ম্মল স্বর্ণের একই বস্তু হইবে।
37. और सात दीपक बनवाना; और दीपक जलाए जाएं कि वे दीवट के साम्हने प्रकाश दें।
37. আর তুমি তাহার সাতটী প্রদীপ নির্ম্মাণ করিবে; এবং লোকেরা সেই সকল প্রদীপ জ্বালাইলে তাহার সম্মুখে আলো হইবে।
38. और उसके गुलतराश और गुलदान सब चोखे सोने के हों।
38. আর তাহার চিমটা ও গুলতরাশ সকল নির্ম্মল স্বর্ণ দ্বারা নির্ম্মাণ করিতে হইবে।
39. वह सब इन समस्त सामान समेत किक्कार भर चोखे सोने का बने।
39. এই দীপবৃক্ষ এবং ঐ সমস্ত সামগ্রী এক তালন্ত পরিমিত নির্ম্মল স্বর্ণ দ্বারা নির্ম্মিত হইবে।
40. और सावधान रहकर इन सब वस्तुओं को उस नमूने के समान बनवाना, जो तुझे इस पर्वत पर दिखाया गया है।।प्रेरितों के काम 7:44, इब्रानियों 8:5
40. দেখিও, পর্ব্বতে তোমাকে এই সকলের যেরূপ আদর্শ দেখান গেল, সেইরূপ সকলই করিও।